ऊंचाहार (रायबरेली)। बीकरगढ़ गांव में 28 वर्षीय राजू यादव ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की एनकाउंटर धमकी से डरकर उसने यह कदम उठाया। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शव देने से इन्कार कर दिया है। राजू एनटीपीसी परियोजना में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी शादी करीब अक्तूबर 2025 में हुई थी। राजू के पिता ने बताया कि करीब जुलाई 2026 में बेटी के ससुराल वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा कि राजू का इस मामले से कोई संबंध नहीं था। इसके बावजूद, पुलिस उसे अगस्त 2026 की 2 तारीख को उठाकर ले गई और पिटाई की। पुलिस ने 20 हजार रुपये लेकर राजू को छोड़ दिया था। पुलिस पर आरोप और पुलिस का पक्ष राजू की बहन मिथलेश ने बताया कि अगस्त 2026 की 11 तारीख की शाम पुलिस वालों ने उसे रास्ते में धमकाया। रात में पुलिस ने घर घेर लिया और एक दरोगा ने राजू को एनकाउंटर करने की धमकी दी। इस धमकी से घबराकर राजू ने आत्महत्या कर ली। वहीं, क्षेत्राधिकारी गिरिजाशंकर त्रिपाठी ने मारपीट या धमकाने के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि राजू के रिश्तेदार फरार थे और राजू ने उन्हें हाजिर कराने की बात कही थी, इसलिए पुलिस ने उससे पूछताछ की थी।