गर्मी के कारण कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। लगातार कुत्तों के हमले बढ़ रहे हैं। इस कारण जिला अस्पताल में लोगों को एआरवी लगवानी पड़ रही है। खास बात यह है कि एक माह में कुत्ते, बंदर और सियार के हमले से 2350 लोग जख्मी हुए हैं। इसमें सबसे अधिक लोग कुत्तों के हमले से घायल हुए हैं। बुधवार को 80 लोग कुत्ता काटने के बाद इलाज के लिए आए। बंदर काटने का एक मामला भी सामने आया है। बुधवार को जिला अस्पताल में कुत्ता काटने से जख्मी हुए लोग पहुंचे। अच्युतम त्रिवेदी (4), हरिश्चंद्र (65), मानसी (8), रेखा (25), अर्जुन (26) ने बताया कि मंगलवार को उनको कुत्तों ने काट लिया। इस कारण वह एआरवी लगवाने जिला अस्पताल आए। इस दौरान डीह के मोहनवा गांव से आए ग्रामीण ने बताया कि गांव में पागल कुत्ते का आतंक है। अब तक 40 लोग कुत्ते के काटे जाने से घायल हो चुके हैं। अभी तक कुत्ते को पकड़ा नहीं गया है। चिकित्सक डॉ. सौरभ ने बताया कि मौसम में परिवर्तन से कुत्तों में हार्मोनल इंबैलेंस आ रहा है। इस कारण वह हिंसक हो रहे हैं। कुत्ता यदि भौंके तो उसे भागने का प्रयास न करें। इससे वह और हिंसक होते हैं। कुत्ता काटने के बाद तत्काल चिकित्सक की मदद ली जाए। बच्चों को अकेला न छोड़ा जाए।