फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रायबरेली में प्रसूता को महिला अस्पताल व एम्स से लौटाया, नवजात की मौत

रायबरेली में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को जिला महिला अस्पताल और एम्स में इलाज नहीं मिला। इसके बाद दलालों ने परिवार को शहर के एक निजी नर्सिंगहोम पहुंचाया। यहां पर कमाई का खेल शुरू हो गया। सिजेरियन प्रसव के बाद बच्ची को गंभीर हालत में दूसरे निजी अस्पताल भेज दिया गया। जहां उसकी मौत हो गई। अब प्रसूता के डिस्चार्ज करने की एवज में निजी अस्पताल का प्रबंधतंत्र एक लाख रुपये मांग रहा है। पीड़ित परिवार की एक युवती का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें उसने परिवार के साथ हुई ज्यादती को बया किया है। वायरल वीडियो की क्लिप के अनुसार लालगंज के तौधकपुर निवासी शालू को 10 अगस्त को प्रसव पीड़ा हुई तो सीएचसी लालगंज गईं, जहां पर चिकित्सकों ने बताया कि गर्भ में पल रहा बच्चा कमजोर है, यहां मशीन नहीं है, जिसमें जन्म लेने के बाद बच्चे को रखा जा सके। महिला का जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां भी यही बात कही गई कि मशीन उपलब्ध नहीं है। एम्स लेकर जाएं। महिला के परिवार की युवती ने वायरल वीडियो में बताया कि जब वह लोग अपनी रिश्तेदार को लेकर एम्स पहुंचे तो वहां बेड न होने की बात कही गई। जिससे वह फिर महिला जिला अस्पताल आ गए और प्रसव के बारे में सोचने लगे। इसी दौरान एक महिला और एक पुरुष दलाल परिवार के पीछे लग गए। दलालों ने तीन हजार रुपये में सामान्य प्रसव का वादा किया और राना नगर के निजी नर्सिंगहोम में महिला को भर्ती कराया। वहां सिजेरियन प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण उसे दूसरे निजी अस्पताल भेजा गया। जहां पर उसकी मौत हो गई। वीडियो में युवती ने बताया कि शुक्रवार को डिस्चार्ज स्लिप दी गई, इसमें एक लाख रुपये की मांग की गई। बच्ची की मौत हो चुकी है और उनकी रिश्तेदार की हालत भी खराब है। इस पूरे प्रकरण पर एम्स के अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि यदि कोई भी मरीज इमरजेंसी में आता है, तो उसे भर्ती किया जाता है। इस मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वायरल वीडियो की बात की जा रही है तो इस पर जांच कराई जाएगी। इस मामले में महिला जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. निर्मला साहू का फोन नहीं उठा। सीएमओ डॉ. नवीन चंग्र ने बताया कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। यदि कोई शिकायती पत्र मिलता है तो कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें