अमूमन पहले 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा था, लेकिन अब 20 साल की उम्र के बाद यह खतरा बढ़ गया है। यूपी में सर्वाइकल कैंसर के बाद अब ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बृहस्पतिवार को रायबरेली में आयोजित एक कार्यक्रम में लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल की ब्रेस्ट एंड एंडोक्राइन सर्जन डॉ. फराह अरशद ने महिलाओं को इससे बचने के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी। कहा कि महिलाएं स्वयं भी जांच कर सकती हैं कि उनके ब्रेस्ट में गांठ तो नहीं है। यदि गांठ है तो चिकित्सीय सलाह लेकर जांच जरूर कराएं। खासतौर से जीवनशैली में सुधार लाने के साथ ही खानपान पर ध्यान दें। यह बीमारी चुपचाप आती है, इसलिए लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने बताया कि वह स्वयं भी जिले की महिलाओं को इस बीमारी से जागरूक करने के लिए माह के चौथे बृहस्पतिवार को रतापुर के एक अस्पताल में ओपीडी करेंगी। लगभग हर आठवीं महिला इसके चपेट में आ रही है।