कांवड़ यात्रा में शिवभक्ति के साथ बच्चों का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। मोदीनगर निवासी राकेश कुमार के तीन बच्चे अपने पिता के साथ कांवड़ लेकर हरिद्वार से लौट रहे हैं। खास बात यह है कि उनकी बेटियां माही और हेजल स्केटिंग करते हुए गंगाजल लेकर आ रही हैं। फोटोग्राफर राकेश कुमार पिछले 15 वर्षों से सावन में लगातार कांवड़ ला रहे हैं। पिता की भोलेनाथ के प्रति आस्था देखकर उनके बच्चे भी शिवभक्ति में रम गए। कक्षा नौ में पढ़ने वाला कुणाल पिछले पांच वर्षों से पिता के साथ कांवड़ ला रहा है, जबकि कक्षा छह की माही और कक्षा पांच की हेजल पिछले दो वर्षों से इस यात्रा में शामिल हैं। इस बार भी तीनों बच्चे पिता राकेश और पड़ोसी चाचा अंकुर के साथ कांवड़ लेकर आ रहे हैं। राकेश पैदल यात्रा कर रहे हैं, जबकि कुणाल अंकुर के साथ बाइक पर बैठकर गंगाजल लेकर चल रहा है। वहीं माही और हेजल स्केटिंग करते हुए आगे बढ़ रही हैं। तीनों भाई-बहन ने बताया कि वे बड़े होकर अधिकारी बनना चाहते हैं और भगवान भोलेनाथ से इसी मनोकामना की प्रार्थना कर रहे हैं। राकेश का कहना है कि उनके बच्चे अभी छोटे हैं, लेकिन भगवान की शक्ति और आस्था के कारण वे उनके साथ कांवड़ यात्रा कर पा रहे हैं।