उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का 82 साल की उम्र में 10 अक्टूबर को निधन हो गया था। पहलवान और शिक्षक रहे मुलायम ने लंबी सियासी पारी खेली। मुलायम सिंह यादव के निधन से पार्टी को बड़ा धक्का लगा है और अब पार्टी के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। मुलायम ने 1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना की थी। मुलायम की बदौलत ही तीन बार यूपी में सपा की सरकार बनी। यूं तो 2017 से ही अखिलेश ने पार्टी की कमान पूरी तरह से अपने हाथ ले ली थी, लेकिन मुलायम सिंह ऐसे कड़ी थे जिनके चलते कई पुराने और दिग्गज नेता पार्टी से जुड़े रहे। अब उनके निधन के बाद सवाल उठने लगा है कि इसका कितना असर सपा पर पड़ेगा? पार्टी में फूट और दिग्गज नेताओं को एकजुट रखने में अखिलेश यादव कितना सफल होंगे? सपा अध्यक्ष की आगे की रणनीति क्या होगी? अखिलेश यादव अकेले ही मुलायम सिंह यादव के वारिस नहीं हैं। अखिलेश यादव के एक और भाई भी हैं जिनका नाम प्रतीक यादव है।