पंचायत भवन में हुई भारतीय शिक्षा बोर्ड की बैठक में भारतीय शिक्षा बोर्ड की आवश्यकता के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा के परिवेश में शिक्षा में भारतीय संस्कृति और संस्कारों का अभाव है। हमारे भारत में लगातार छात्र-छात्राओं का नैतिक पतन हो जा रहा है। भारतीय शिक्षा बोर्ड की मूल भावना है कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता आध्यात्मिक शिक्षाओं के साथ आधुनिक कंप्यूटर साइंस व प्रकृति के मूल से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण बनाना है।