फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के विरोध में गरजे सपाई, आंबेडकर पार्क में प्रदर्शन

जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के विरोध में गरजे सपाई, आंबेडकर पार्क में प्रदर्शन मुरादाबाद। रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में समाजवादी पार्टी ने बुधवार को मुरादाबाद में धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस स्थित आंबेडकर पार्क में प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने नीट पेपर लीक और राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा भी उठाया। धरने का नेतृत्व कांठ विधायक कमाल अख्तर, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, बिलारी विधायक फहीम इरफान, मुरादाबाद देहात विधायक नासिर कुरैशी और ठाकुरद्वारा विधायक नवाब जान खान ने किया। कमाल अख्तर ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। उनका आरोप था कि राजनीतिक द्वेष के कारण विश्वविद्यालय के भवनों पर कार्रवाई की जा रही है। कमाल अख्तर ने दावा किया कि निर्माण के समय संबंधित क्षेत्र न तो विकास प्राधिकरण के दायरे में था और न ही ऐसी अनुमति की आवश्यकता थी। बिलारी विधायक फहीम इरफान ने कहा कि ग्राम सींगनखेड़ा को वर्ष 2024 में रामपुर विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया, जबकि विश्वविद्यालय का निर्माण उससे पहले हो चुका था। वहीं मुरादाबाद देहात विधायक नासिर कुरैशी ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा विरोधी मानसिकता के तहत कार्रवाई कर रही है और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश को छात्र और जनहित के खिलाफ बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद सपा नेताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस दौरान पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, पूर्व विधायक हाजी मो. यूसुफ अंसारी, महानगर अध्यक्ष इकबाल हुसैन अंसारी, जिला महासचिव फुरकान अली, बाबर खान, पूर्व जिलाध्यक्ष अतहर हुसैन अंसारी, लाखन सिंह सैनी, केसर अली कुद्दूसी, शुएब हसन पाशा और धर्मेंद्र यादव समेत सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें