संयुक्त व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि बजट में बर्तन कारोबारियों को किसी तरह का कोई फंड नहीं जारी किया गया है। कच्चे माल पर जीएसटी 18 प्रतिशत और तैयार माल पर जीएसटी पांच प्रतिशत है। इसमें भी कोई सुधार नहीं किया गया है। स्क्रैप का दाम प्रतिदिन 10 से 20 रुपये बढ़ रहा है। इससे कारखानेदारों और छोटे दुकानदारों को परेशानी हो रही है। व्यापार कर में 13 प्रतिशत की जीएसटी इकट्ठा हो जाती है। इसे तीन महीने में रिफंड करने की बात कही जा रही है। इससे छोटे व्यापारी परेशान होंगे। अगर बर्तन कारोबार पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे और परेशानी बढ़ेगी।