मुरादाबाद मंडी समिति में नगर मजिस्ट्रेट, मंडी निदेशक और मंडी सचिव ने व्यापारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित 38 नई दुकानों की योजना पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि परिसर के जिस हिस्से में नई दुकानें बनाई जानी हैं वहां मौजूद सभी दुकानदारों को जल्द अपनी जगह खाली करनी होगी। इसी सूचना के बाद बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया और व्यापारियों ने इस प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई। व्यापारियों का कहना है कि जहां नई दुकानें प्रस्तावित हैं वहां करीब 115 दुकानदार वर्षों से अपना कारोबार कर रहे हैं। यह सभी दुकानें पीढ़ियों से चल रही हैं और इन्हें अचानक हटाने से व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों ने यह भी कहा कि मंडी का विकास होना अच्छी बात है लेकिन विकास की आड़ में उन्हें बिना किसी वैकल्पिक स्थल दिए बेदखल करना अनुचित है। बैठक में व्यापारियों ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि यदि मंडी प्रशासन नई दुकानें बनाना चाहता है तो पहले उन 115 दुकानदारों के बैठने और कारोबार जारी रखने की उचित व्यवस्था की जाए। व्यापारियों का आरोप है कि बैठक में अधिकारियों की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की कोई योजना सामने रखी गई। इससे व्यापारियों में गहरा रोष है। उनका कहना है कि प्रशासन को विकास कार्यों के साथ-साथ पुराने व्यापारियों के हितों और आजीविका की सुरक्षा पर भी समान ध्यान देना चाहिए। बैठक बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई। अब एक बार फिर से व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। बैठक में फल सब्जी विक्रेता कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम सैनी, महामंत्री राजकुमार सैनी, प्रवक्ता विनोद कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष मोनू सैनी आदि मौजूद रहे।