गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में सिख इतिहास की अमर गाथा का आयोजन सोमवार को किया गया गया। गुरु गोबिंद सिंह के बड़े बेटे बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह के बलिदान को समर्पित कीर्तन ने हर आंख को नम कर दिया। यह आयोजन चार साहिबजादों की शहादत की स्मृति को नमन करते हुए धर्म, सत्य और साहस के शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया। पंथ-प्रसिद्ध रागी जगजीत सिंह बबीहा और अमेरिका से आए रागी बलजीत सिंह ने अपनी मधुर गुरबाणी से संगत को निहाल किया। गुरबाणी के रसपूर्ण शब्दों और रागों के माध्यम से उन्होंने चार साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान, अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने की भावना का मार्मिक वर्णन किया। कथा और कीर्तन के क्रम में जब शहादत की घटनाओं का स्मरण कराया गया, तो उपस्थित संगत भावविभोर हो उठी। पूरे दीवान हॉल में वाहेगुरु के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।