मुरादाबाद में कारोबारी के घर डकैती में कई चौंकाने वाले बातें सामने आई हैं। अरीबा अपने परिवार को चाय और खाने में नशे की गोलियां मिला देती थी। जिससे परिवार के लोग गहरी नींद में सो जाते थे। इसके बाद वह डिजिटल लॉक खोलकर प्रेमी अरशद को अंदर बुला लेती थी। यहां कई घंटे रुकने के बाद वह वापस चला जाता था।
अरीबा अपने परिवार को एक दो दिन नहीं बल्कि कई साल से धोखा दे रही थी। अरीबा के पिता कारोबार के सिलसिले में ज्यादातर समय बाहर ही रहते हैं। घर में मां, छोटी बहन और दो भाई रहते हैं। अरीबा जीने के ठीक बराबर वाले कमरे में रहती थी। उसके कमरे के सामने ही दीवार पर डिजिटल लॉक का रिमोट लगा है। इस रिमोट से ही कारोबारी के मकान के मेनगेट पर लगे डिजिटल लॉक खुलते हैं।
अरीबा और अरशद फोन पर देर तक बात करते थे। अरीबा बाजार जाने के बहाने बाहर निकलती थी। बाजार में ही अरशद अरीबा को गोलियां दे देता था। इन गोलियों को अरीबा खाने या चाय में मिलाकर दे देती थीं। इसके लॉक खोलकर अरशद को अपने में बुला लेती थी।
पीलत कारोबारी इमरान को अपनी बड़ी बेटी पर सबसे ज्यादा भरोसा था। घर में आने वाले हर कैश की जानकारी उसे रहती थी। कभी कोई ऐसी बात भी सामने नहीं आई, जिससे अविश्वास पैदा हो लेकिन डकैती के खुलासे ने पूरे परिवार को हैरत में डाल दिया है। किसी को भरोसा ही नहीं हो रहा है कि परिवार की सदस्य ही घर को लुटवा सकती है।
कारोबारी के घर में डकैती डालने वाले बदमाशों की संख्या दस थी। बदमाशों का पहले से कोई गिरोह नहीं है लेकिन आपस में बदमाश एक दूसरे से एक कड़ी की तरह जुड़े हैं। जिस कारण तक इन तक पहुंचने के लिए पुलिस के लिए चुनौती थी।
इस वारदात में दो कारों का इस्तेमाल किया था। दोनों कारों की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई थी लेकिन वारदात को अंजाम देने के बाद जोया टोल कारों के नंबर प्लेट ठीक करनी पड़ी थी। यहां बदमाशों की कारें और बदमाशों की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थीं।
पुलिस ने घटनास्थल से लेकर शहर के प्रमुख रास्तों और हाईवे तक टीमों ने कैमरों की फुटेज खंगाली। दिल्ली लखनऊ हाईवे टोल प्लाजा तक कैमरे चेक किए गए। पांच सौ से ज्यादा कैमरे खंगाले गए और 100 नंबरों की सीडीआर भी खंगाली गई थी। इसके बाद ही पुलिस को सफलता मिल पाई।