नौकरी और लोन दिलाने के नाम पर बेरोजगारों के दस्तावेज़ इकट्ठा करके देशभर में 144 फर्जी फर्में खड़ी करने तथा करीब 400 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के बड़े मामले में एसआईटी ने मास्टरमाइंड मो. इखलाक और उसके सहयोगी इत्तेफात आलम उर्फ दानिश कबाड़ी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से एक मोबाइल फोन, आठ एटीएम कार्ड, एक पॉलिसी बाजार कार्ड और तीन आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
जांच में एक बड़ी डायरी भी मिली है, जिसमें 535 फर्मों का पूरा विवरण दर्ज है। साथ ही इखलाक के बैंक खातों की महत्वपूर्ण जानकारी भी हाथ लगी है। एसआईटी फिलहाल गिरोह के सरगना सहित छह अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है।
शनिवार को मुरादाबाद पुलिस लाइन में एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार, सीओ वरुण सिंह और राज्य कर अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इस करोड़ों की जीएसटी चोरी का खुलासा किया। अधिकारियों के मुताबिक, मामला तब सामने आया जब लोहे से भरे दो ट्रक पकड़े गए। राज्य कर अधिकारी की तहरीर पर एके इंटरप्राइजेज और सौरभ इंटरप्राइजेज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद एसएसपी द्वारा गठित एसआईटी ने जांच शुरू की।
छानबीन में ज्ञात हुआ कि फर्मों के पंजीकरण में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल नंबरों पर ही 144 फर्जी कंपनियाँ रजिस्टर्ड थीं। इसी आधार पर एसआईटी ने मेरठ के शास्त्रीनगर निवासी मो. इखलाक और शाहजहांपुर के चमकनी गरिपुरा निवासी इत्तेफात आलम को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान फर्जीवाड़े की परतें खुलती गईं और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में इखलाक ने कबूल किया कि वह छह अन्य लोगों के साथ मिलकर चार से पाँच करोड़ रुपये तक की अवैध कमाई कर चुका है। उसका सहयोगी इत्तेफात आलम इस नेटवर्क के संचालन में उसकी मदद करता था। फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य सरगना की तलाश में टीमें तैनात हैं।
एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार के अनुसार, इखलाक से मिली जानकारियों के आधार पर जांच और दबिशें जारी हैं।