मुहर्रम की दसवीं तारीख (यौम-ए-आशूरा) पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को गमगीन माहौल में विदाई दी गई। लब्बैक या हुसैन की सदाओं के बीच अब्दुल्लापुर, जैदी फार्म और लोहिया नगर में ताजिये और जुलजनाह के जुलूस निकाले गए। रास्ते भर नौहे पढ़े गए और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। अब्दुल्लापुर के हुसैनी चौक सोगवारों ने जोरदार मातम किया।