जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई में मरीजों का बोझ बढ़ गया है। बच्चों के बेहतर इलाज में परेशानी हो रही है। इन दिनों में 32 बेड पर 42 बच्चे भर्ती हैं। दूर दराज से आए हुए लोग अपने बच्चों को इन वार्ड में भर्ती कराए हैं। जन्म के बाद बच्चों को समस्या होने पर इस वार्ड में भर्ती कराया जाता है। तीमारदारों का कहना है कि निजी अस्पतालों में यह सुविधा महंगे दाम पर मिलेगी, जबकि सरकारी अस्पताल में मुफ्त में बेहतर इलाज हो रहा है। इससे भीड़ बढ़ जाती है।