मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली गांव में 29 बीघा सरकारी जमीन पर भूमाफिया के कब्जा करने की शिकायत पर जांच के लिए छह सदस्यीय टीम गठित की गई है। बुधवार को तीन सदस्य ही जांच करने पहुंचे। आधी टीम के पहुंचने से शिकायतकर्ताओं और ग्रामीणों में नाराजगी जताई। वहीं, जांच टीम ने कहा कि सरकारी जमीनों पर आबादी बस गई है, ऐसे में नाप जोख करने में अब दिक्कतें आएंंगी। सरकारी जमीन पर आबादी कैसे बस गई, इसका जवाब कोई नहीं दे सका। मोहल्ला शक्ति नगर निवासी दिव्या अवस्थी और परमसुखखेड़ा निवासी कमलेश समेत कई लोगों ने डीएम से शिकायत की थी कि भूमि संख्या 417 की 29 बीघा पांच बिसवां सरकारी जमीन व भूमि संख्या 454 एवं 455 पर भूमाफिया कब्जाकर प्लाटिंग कर बेच रहे हैं। इस पर डीएम के निर्देश पर दो जनवरी को छह सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी। बुधवार को छह सदस्यीय टीम में सिर्फ तीन सदस्य सर्वे कानूनगो प्रेमप्रकाश, सर्वे लेखपाल अभिषेक और रमेश मौके पर पहुंचे। जबकि टीम के अन्य सदस्य सर्वे लेखपाल फूलचंद्र, निर्मल कृष्ण, रमाकांत यादव के न आने पर लोगों ने नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद शिकायतकर्ताओं ने सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराने को कहा तो टीम ने कहा कि यह काम उच्चाधिकारियों का है। वहीं, कानूनगो ने बताया कि नाप जोख करने में कई दिन लगेंगे, आबादी बसने से दिक्कतें आ रही है, रिपोर्ट एआरओ को सौंपी जाएगी। वहीं, एआरओ प्रशांत नायक ने बताया कि जांच टीम के रिपोर्ट देने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली की सरकारी जमीनों को मुक्त कराने के लिए जांच के लिए राजस्व टीम पहुंची तो लोगों ने ढोल बजाकर स्वागत किया। टीम के सदस्यों को तिलक लगाया जाने लगा तो राजस्व कर्मचारियों ने विरोध किया, जिस पर जांच टीम और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई।