श्रमिक संघों ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल को सफल बनाने के लिए श्रमिक संघों ने मंगलवार को आयुध फैक्टरियों के बाहर प्रदर्शन कर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। कहा गया कि सरकार की श्रमिक और कर्मचारी नीतियों के विरोध में हड़ताल की जा रही है। बैंक, एलआईसी समेत वित्तीय संस्थान में भी बंदी होने का दावा किया गया है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच कानपुर के संयोजक असित कुमार सिंह की अगुवाई में कालपी रोड स्थित आयुध निर्माणी कानपुर और फील्ड गन फैक्टरी के गेट पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार की नीतियां मजदूरों और कर्मचारियों में भेद पैदा कर धनपतियों के हितों को पूरा करने का काम कर रही है। सरकारी उद्योगों का निगमीकरण किया जा रहा है। इसमें रक्षा प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। इस मौके पर राणा प्रताप सिंह, राजीव खरे, गौरव दीक्षित, आरडी गौतम, उमाकांत, नवनीत यादव, ओपी रावत, वशिष्ठ मुनि, राज दिवाकर, अशोक सिंह, शेखर भारती आदि मौजूद रहे। वहीं, सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सिंह ने बताया कि यह हड़ताल पूरी तरह से राजनीतिक है। इस हड़ताल का कर्मचारियों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। लेबर कोड के अंतर्गत वेज कोड व सामाजिक सुरक्षा पर सरकार का भारतीय मजदूर संघ ने समर्थन किया है।