कानपुर देहात के ककवन विकासखंड क्षेत्र के कसिगंवा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र में रविवार सुबह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर बदहाली सामने आई। सुबह करीब 11 बजे उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मरीजों की जगह सात भैंसें बंधी मिलीं। केंद्र में न कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद था और न ही कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर का कोई अता-पता था। स्थिति यह थी कि जहां गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, प्राथमिक उपचार और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होनी चाहिए थीं, वहां जगह-जगह गोबर, भूसा और पशुपालन के निशान दिखाई दिए। उप स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह पशुशाला में तब्दील नजर आया। ग्रामीणों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र पर लंबे समय से दबंग कब्जेदार का प्रभाव है, जिसके चलते कोई भी ग्रामीण खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। मौके पर मौजूद लोग चुप्पी साधे रहे, लेकिन विभाग की आशा कार्यकर्ता सविता ने खुलकर स्थिति बयान की। उन्होंने बताया कि कब्जेदार के रसूख के चलते कई बार शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। आशा कार्यकर्ता के मुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रभारी से कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन उप स्वास्थ्य केंद्र को कब्जामुक्त कराने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी वजह से ग्रामीण भी भय और दबाव के कारण पशुओं को हटाने की कोशिश नहीं करते।