शनिवार को जिलाधिकारी के अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया था जिसमें नरवल के चकबंदी लेखपाल कमलाकांत मौर्य पर नरवल के दिव्यांग राकेश प्रजापति ने पैमाइश करने के नाम पर 90 हजार रुपए वसूलने तथा बीस हजार रुपए की पुनः मांग करने का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया था। इसके साथ ही नरवल के ही रहने वाले मनीष सिंह चौहान ने भी कमलाकांत मौर्य पर आरोप लगाया था कि वरासत के नाम पर लेखपाल द्वारा बीस हजार रूपए मांगे जा रहे है। दोनों प्रकरणों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इसकी जांच बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को दी थी।