बेकनगंज स्थित निजी निवास पर रविवार को ईद मिलादुन्नबी में जश्न-ए-चिरागां और जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर बैठक हुई। इसमें लोगों से अपील की गई कि जुलूस-ए-मोहम्मदी के दाैरान गणेश पंडालों के पास नारे लगाने से परहेज करें और दूसरों की आस्था का ख्याल रखें। खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी के दिन पूरे शहर में जश्न ए चिरागां और एशिया का सबसे बड़ा हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक जुलूस-ए-मोहम्मदी उठता है।