भीतरगांव क्षेत्र में पशुपालन विभाग की सुस्ती और चिकित्सकों की लापरवाही पशुपालकों पर भारी पड़ रही है। खदरी गांव में डेढ़ दर्जन पशुओं की जान जाने के बाद भी विभाग नहीं चेता, जिसका नतीजा अब भीतरगांव कस्बे में देखने को मिल रहा है। यहाँ खुरपका के प्रकोप से अब तक पांच भैंसों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों अन्य पशु गंभीर रूप से इसकी चपेट में हैं।