सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस, हमलावरों की तलाश में लगाई गईं तीन टीमें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्राणघातक हमले में घायल जेलर कस्तूरीलाल गुप्ता को लखनऊ के केजीएमसी रेफर कर दिया गया। हालांकि वहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, जेलर के हमलावरों का 48 घंटे बाद भी सुराग नहीं लग सका। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है लेकिन, उसे कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी।
ट्रेनिंग के लिए जाते समय डीआरएम ऑफिस के पास जेलर कस्तूरीलाल गुप्ता पर जानलेवा हमला हुआ था। लाठी-डंडों एवं सरिया से मारकर उनके हाथ-पैर तोड़ दिए गए। हमलावर पिस्टल लहराते हुए घटनास्थल से भाग निकले। जेलर ने अपने बयान में इसके पीछे हिस्ट्रीशीटर बदमाश कमलेश यादव के दो पुत्र अमित एवं सुमित का नाम बताया था। जेलर ने पुलिस को बताया कि हिस्ट्रीशीटर कमलेश की जेल बदलकर हमीरपुर कर दी गई थी। इस वजह से उसके दोनों पुत्र रंजिश रखने लगे।
नवाबाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस प्रेमनगर के पुलिया नंबर नौ में कमलेश के घर पहुंची लेकिन वहां घर में ताला बंद मिला। अमित एवं सुमित के बारे में पूछताछ करने पर लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वह दोनों नहीं दिखाई पड़े। पुलिस रविवार को भी दोबारा यहां से बैरंग लौट आई। उधर, रविवार को जेलर कस्तूरीलाल गुप्ता को लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक, आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी गई। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कराई जाएगी।