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Jalaun News: जिले के चार मंदिरों का चार करोड़ से होगा सुंदरीकरण

Wed, 25 Dec 2024 09:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। जिले के धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिले के चार धार्मिक और पौराणिक स्थलों पर मंदिरों के विकास के लिए चार करोड़ के बजट को मंजूरी मिल गई है। मंदिरों के सुंदरीकरण से इन क्षेत्रों में रोजगार के भी साधन उपलब्ध होंगे। इसमें आजमगढ़ जनपद के प्रसिद्ध बाबा भंवरनाथ मंदिर का भी विकास शामिल है।
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जिले में धार्मिक स्थलों का पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का निर्णय लिया गया है। जिले में कुठौंद के त्रिपुरी आश्रम, महामाई मंदिर, कालपी के पातालेश्वर मंदिर, जालौन के छटी माता मंदिर को चार करोड़ से पर्यटन विभाग अब और भी सुंदर बनवाएगा। इनमें अब हॉल से लेकर परिक्रमा मार्ग तक कार्य कराएं जाएंगे। इसके साथ ही मुख्य गेट, मंदिर में आने के लिए इंटरलॉकिंग, एलईडी लाइटें भी लगाई जाएंगी। वहीं, पर्यटन स्थल बन जाने से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। इसके साथ ही क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के साधन के उपलब्ध होंगे।

पर्यटन विभाग इन मंदिरों का कराएगा सुंदरीकरण
त्रिपुरी आश्रम
1- जिला मुख्यालय से पचास किलोमीटर दूर कुठौंद ब्लाक के मालपुर पीपरी गांव स्थित श्री संकट मोचन त्रिपुरी धाम में प्रतिदिन सैंकड़ों श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यहां बड़ी बात यह है कि प्रतिवर्ष जनवरी माह में एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर के सुंदरीकरण के लिए 1 करोड़ छह लाख रुपये का बजट जारी हुआ है। इससे यहां और भी सुंदरता देखने को मिलेगी।
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महामाई मंदिर
2- कुठौंद ब्लाक के बिजुआपुर गांव में यमुना नदी के किनारे महामाई का प्राचीन मंदिर स्थित है। यहां नवरात्र में भव्य मेला व यज्ञ का आयोजन किया जाता है। इसमें जिले के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित अन्य जगहों से भक्त पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां भक्तों की मनोकामना जरूर पूरी होती है। इस मंदिर के सुंदरीकरण में 95 लाख रुपये खर्च होंगे। साथ ही भक्तों के बैठने का भी इंतजाम भी किया जाएगा।
पातालेश्वर मंदिर
3- कालपी स्थित पातालेश्वर मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। मान्यता है कि कौरव-पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य ने यहां शिवलिंग की पूजा की। इसके बाद उन्हें अश्वत्थामा नाम के पुत्र की प्राप्ति हुई। मंदिर की प्राचीनता श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। 92 लाख मंदिर के सुंदरीकरण में खर्च होंगे।
छठी माता मंदिर
4- जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर जालौन नगर के लौना रोड स्थित छठी माता मंदिर आस्था का केंद्र हैं। मान्यता है, कि जिन महिलाओं को संतान नहीं होती है, वह यहां आकर मंदिर में अपने हाथों से चंदन व सिंदूर के थाप लगाती हैं। इसके बाद बच्चे होने पर महिलाएं यहां सुहागिन महिलाओं को खाना खिलाती हैं। देवोत्थान एकादशी पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है। यहां 95 लाख से सुंदरीकरण कराया जाएगा।
वर्जन
मंदिरों को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां बैठने व रोशनी की भी व्यवस्था की जा रही है। जिले में चार मंदिरों पर जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -कीर्ति सिंह, पर्यटन अधिकारी

शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता  । संवाद

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