फर्रुखाबाद/ कमालगंज। देश की सबसे बड़ी आलू उत्पादक बेल्ट में मौसम की करवट ने किसानों की धड़कने बढ़ा दी हैं। सोमवार रात हल्की बूंदाबांदी के बाद 28 दिसंबर तक बारिश को लेकर पूर्वानुमान है। बूंदाबांदी से खेतों में नमी भी बढ़ गई है।
इस बार दिन में गर्मी व तापमान ज्यादा रहने से आलू की कच्ची फसल में पैदावार कम निकलने को लेकर चिंता बनी हुई थी। अब मौसम की अंगड़ाई ने आलू की पक्की फसल करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का मानना है कि सोमवार रात हल्की बूंदाबांदी से आलू फसल को फिलहाल तो नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यदि 28 तक पूर्वानुमान पर पानी बरस गया तो ऊपर से नीचे तक कुड़ी चिपक जाएगी। आलू के कंद की मोटाई बढ़ने की प्रक्रिया पर काफी असर पड़ेगा।
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किसानों की बात:::
- ककरैया निवासी किसान व बीज उत्पादक शरद कुमार का कहना है कि बारिश व अधिक नमी से आलू की बेल के पत्तों में भूरे रंग के धब्बे आने लगते हैं। झुलसा व परपरा की मार से उत्पादन व गुणवत्ता पर असर पड़ता है।
- इस्लामगंज के किसान बिनोद कुमार ने बताया कि मौसम की चाल तो बदलती ही है। इसीलिए जहानगंज बेल्ट के बहुत से किसानों ने चिपसोना किस्म के आलू फसल को रोग से बचाने के लिए दवाओं का पहले स्प्रे 30 व दूसरा स्प्रे 45 दिन में कर दिया। मौसम खुलते ही तीसरा व फिर चौथा स्प्रे करेंगे।
- मोहम्दाबाद के ताजपुर निवासी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रोगों से बचाव को कुछ किसानों ने गोमूत्र, शीरा, गोबर रस, बेसन, बरगद के नीचे की मिट्टी आदि से जैविक घोल बनाकर छिड़काव किया।
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बारिश से बढ़ी सर्दी
कंपिल। मंगलवार देर शाम कंपिल के कुछ गांवों में हल्की बारिश हुई है। जिससे मौसम सर्द हो गया। हालांकि दिन भर बादलों से मौसम में सर्दी महसूस होती रही। अभी फसलो को कुछ नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन किसानों ने तेज वर्षा होने पर नुकसान को लेकर चिंता जताई है।
सरसों और आलू की पैदावार पर असर पड़ सकता
जहानगंज। बीती रात दो बजे से बूंदाबांदी के साथ घने बादल छाए हुए हैं। किसानों ने बताया कि गेंहू की फसल को तो फायदा है, लेकिन सरसों और आलू की पैदावार पर असर पड़ सकता है। बारिश अगर ज्यादा हुई तो परेशानी बढ़ेगी। वहीं नवाबगंज में हल्की बूंदाबांदी ने आलू किसानों की धड़कने बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है की आलू की फसल में सबसे ज्यादा रोग लगने की संभावना बढ़ गई है।
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अभी मौसम अधिक खराब नहीं हुआ। किसानों को पहले ही सलाह दे दी गई थी। सलाह को देखते हुए ज्यादातर किसानों ने झुलसा,परपरा आदि की रोक के लिए दो छिड़काव करा दिए हैं। मौसम के हिसाब से आगे भी स्प्रे होते रहेंगे तो फसल को नुकसान नहीं होगा। - राघवेंद्र सिंह, जिला आलू विकास अधिकारी
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद