नौतन हथियागढ़ गांव स्थित लालमन बाबा के स्थान पर चल रही ग्यारह दिवसीय शतचंडी महायज्ञ की बुधवार को महाप्रसाद के साथ पूर्णाहुति हो गई। अंतिम दिवस कथावाचक ने रमाशंकर शास्त्री ने श्रोताओं को श्रीराम अमृत कथा का रसपान कराया। कथावाचक रमाशंकर शास्त्री ने महायज्ञ के अंतिम दिवस श्रोताओं को श्रीराम अमृत कथा का रसपान कराया। कहा कि संसार में सबसे बड़ा धर्म परोपकार है। जरूरतमंद लोगों की सेवा करने से बड़ा कोई कार्य नहीं है। यह सब तभी होगा जब विचार शुद्ध होगा।