चंदौली में विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के विरोध में बिछिया धरना स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को शुक्रवार को नया बल मिला। किसान संघर्ष मोर्चा के समर्थन में वेटरंस एसोसिएशन (पूर्व सैनिक संगठन) और अखिल भारतीय किसान महासभा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंचे। भाकियू टिकैत के वाराणसी मंडल प्रवक्ता एवं किसान संघर्ष मोर्चा के संयोजक मणि देव चतुर्वेदी ने कहा कि आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है और अब किसानों के साथ पूर्व सैनिक संगठन भी खुलकर समर्थन में उतर आए हैं। वेटरंस एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कैप्टन विजय नारायण सिंह ने कहा कि "जवान भी किसान का बेटा होता है। यदि किसानों की पुश्तैनी जमीन अधिग्रहित होगी तो इसका असर सीमा पर तैनात सैनिकों के मनोबल पर भी पड़ेगा।" उन्होंने कहा कि चंदौली में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 120 मीटर चौड़ाई में लगभग 70 किलोमीटर क्षेत्र की भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिससे जिले के कृषि क्षेत्र और "धान का कटोरा" कहलाने वाली पहचान पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन किसानों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर दोबारा सर्वे कराए और तब तक भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई स्थगित रखी जाए। उनका कहना था कि जल्दबाजी में कार्रवाई होने पर किसानों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। धरने को अखिल भारतीय किसान महासभा का भी समर्थन मिला। संगठन के जिलाध्यक्ष श्रवण मौर्य ने कहा कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई अंत तक लड़ेंगे और अपनी जमीन बचाने के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे।