गोपीगंज के चुड़िहारी मोहल्ला वार्ड संख्या 17 में बीते 10 फरवरी को विवाद में घायल होने के बाद हुई मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश बढ़ गया है। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मौत के दूसरे दिन शव को दफनाने से इनकार कर दिया। परिजनों ने पूरे मामले की दूसरे थाने से निष्पक्ष जांच और दोबारा पीएम कराए जाने की मांग की। गोपीगंज नगर के वार्ड 17 चुड़िहारी मोहाल निवासी मो. नसीम (39) पुत्र मो. सलीम बीते 10 फरवरी को अपने मकान में गली की तरफ दरवाजा लगा रहे थे। आरोप है कि पड़ोसी ने इसका विरोध किया। जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया। जिसमें एक पक्ष से पांच लोग घायल हो गए थे। जिनका सीएचसी में उपचार हुआ था। परिजनों के अनुसार मारपीट में गंभीर घायल नसीम की मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव लेकर राजमार्ग चौराहे पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें हटा दिया। परिजन शव को गली में रखकर ही प्रदर्शन करने लगे। मृतक की बेटी सीबा बानो और भाभी इशरत ने आरोप लगाया कि मामले में राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक का उल्लेख नहीं हैं, जबकि पुलिस माहौल बनाने के लिए ऐसी बातें फैला रही है। इससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। परिजन चिकित्सकों की स्वतंत्र टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने और किसी अन्य थाने से निष्पक्ष जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।