फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: मनरेगा मजदूर से भी कम जन औषधि केंद्र की कमाई, एक दिन का 15 रुपये

भदोही जिले के अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल आठ जन औषधि केंद्र संचालकों की कमाई मनरेगा मजदूर से कम है। इन अस्पतालों में हर दिन की ओपीडी करीब-करीब 2500 से आसपास होती है। इसके बाद भी जन औषधि केन्द्र संचालक दिनभर खाली बैठे रहते हैं। सुरियावां सीएचसी पर जनऔषधि केन्द्र संचालक महीने में 300 रुपये की दवा बेच पाते हैं। यहीं हाल अन्य जन औषधि केन्द्रों का है। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को जिले के पांच जन औषधि केंद्रों की पड़ताल की। इसमें महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय, सामुदायिक केंद्र भदोही, सुरियावां और गोपीगंज केंद्रों पर टीम की पड़ताल की। केंद्र पर सन्नाटा पसरा है। कर्मचारी मरीज के इंतजार घंटों बैठे रहते हैं। मरीजों को सस्ती दर पर दवा मिले, इस उद्देश्य से जिले में आठ जन औषधि केंद्र संचालित है। अब केंद्रों की स्थितियां धीरे-धीरे गर्त में जाती दिख रही हैं। सुरियावां सीएचसी के जन औषधि केंद्र पर रोजाना की आमदनी 15 रुपये है। जिला अस्पताल के जन औषधि केन्द्र पर तैनात कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुश्किल से 500 रुपये दवाई हर दिन बिक पाती है। अगर जिले के सभी केन्द्रों पर हर दिन के औसतन आमदनी को देखा जाए तो संचालकों के अनुसार 3500 से 4000 के करीब है। सुरियावां जन औषधि केंद्र पर की दुकान पर कार्यरत सूरज कुमार गौतम ने बताया कि केंद्र की दवाई की सूची सभी डॉक्टरों के टेबल पर रख दिया गया है। इसके बावजूद भी केंद्र पर मरीज नहीं आते हैं। यहां जो डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं, अलग से छोटी पर्ची होती है। हर महीने 300 से 400 की दवा बिकती है। किसी दिन 15, 50, 70 किसी दिन एक रूपये की दवा नहीं बिकती है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें