कोटवाधाम (बाराबंकी)। सतनाम संप्रदाय के प्रथम प्रवर्तक समर्थ साहेब जगजीवन दास जी का 356वां जन्मोत्सव रविवार को कोटवाधाम स्थित उनकी समाधि पर श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। जन्मोत्सव के अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। अलसुबह से ही बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं, जो दोपहर तक सरोवर से लेकर मंदिर परिसर तक फैली रहीं। चारों ओर “हरर बाबा” के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक उद्घोष से पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। दूर-दराज के जिलों और प्रदेशों से पहुंचे श्रद्धालु समाधि स्थल पर माथा टेकते हुए बाबा के भजनों में लीन दिखे। कहीं समूह में कीर्तन हो रहा था तो कहीं ढोल-मंजीरों के साथ सतनाम की महिमा गाई जा रही थी। जन्मोत्सव के अवसर पर लगे धार्मिक मेले में भी खासा उत्साह देखने को मिला। मेले में सजी दुकानों पर श्रद्धालु पूजा-सामग्री, प्रसाद और घरेलू सामान की खरीदारी करते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोग मेले का आनंद लेते दिखे। दोपहर तक हालात यह रहे कि हर ओर सिर्फ भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही थी। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेवकों और आयोजन समिति के सदस्य लगातार सक्रिय नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना है कि समर्थ साहेब जगजीवन दास जी की शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं, और यही कारण है कि हर वर्ष उनके जन्मोत्सव पर कोटवाधाम श्रद्धा के महाकुंभ में बदल जाता है।