जिन किसानों ने पोस्ता (अफीम) की फसल में डोडा से अफीम नहीं निकाली थी। उन किसानों से पोस्ता का डोडा जमा कराया जा रहा है। हरख ब्लॉक मुख्यालय के निकट मेंहदीपुर में हैदरगढ़ मार्ग किनारे एक निजी प्रतिष्ठान में डोडा कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। बृहस्पतिवार को इस सेंटर पर जिले के विभिन्न स्थानों से आए किसान डोडा जमा करते दिखे। किसानों ने बताया कि दो सौ रुपये क्विंटल डोडा के दाम मिलेंगे। जबकि डोडा से निकाला गया दाना किसान का होगा। किसानों ने बताया कि चार बिस्वा रकबे में पोस्ता का डोडा उत्पादन में 15 से 20 हजार रुपये का खर्च आया है। 40 से 45 किलो पोस्ता दाना निकला है। पोस्ता दाना की कीमत इस समय 1250 रुपये किलो है। इस तरह चार बिस्वा में करीब 50 हजार रुपये का पोस्ता दाना मिल रहा है। इस तरह पोस्ता खेती फायदेमंद है। नारकोटिक्स विभाग के मुताबिक बाराबंकी समेत छह जिलों के कुल 4980 किसानों को अफीम की खेती का लाइसेंस इस बार दिया गया था, जिनमें 4812 किसान जिले के हैं। बाकी पांच जिलों अयोध्या, लखनऊ, रायबरेली, गाजीपुर और मऊ में 168 किसानों को लाइसेंस दिया गया। इनमें मऊ जिले में सिर्फ एक किसान को ही लाइसेंस जारी किया गया था। कुल 4,980 लाइसेंसी किसानों में 758 किसानों को चीरा लगाकर अफीम का दूध (लेटेक्स) निकालने की अनुमति थी, जबकि 4,422 किसान केवल डोडा (फसल का ऊपरी हिस्सा) विभाग को जमा कर रहे हैं। डोडा आधारित लाइसेंस धारकों को कॉन्संट्रेटेड पॉपी स्ट्रॉ (सीपीएस) श्रेणी में रखा जाता है।