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बाराबंकी: सरयू खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर, 18 गांव बाढ़ से घिरे

सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए इस वर्ष का सबसे ऊंचा स्तर छू गया है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर बहने लगा, जिससे 18 गांवों पर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। रामसनेहीघाट क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है जबकि कई गांवों में पानी घुसने से लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर अधिकारियों और स्वास्थ्य टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया है। बाराबंकी जिले में रामसनेहीघाट, रामनगर और सिरौलीगौसपुर तहसील से होकर बहने वाली सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नेपाल के बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.70 मीटर को पार करते हुए 106.85 मीटर पहुंच गया। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में इटाहुआपूर्व-तेलवारी गांव के बीच बने स्पर से पानी तटबंध की ओर बढ़ने लगा है। गोबरहा गांव के पास भी नदी तेजी से आबादी की तरफ बढ़ रही है। टेपरा, सरायसुर्जन, सनावा, कहरनपुरवा, भयकपुरवा, बघौलीपुरवा, बिहड़, मनीरामपुरवा, सिरौलीगुंग, सरदहा, परसा, घुटरू और कोठीडीहा सहित कई गांव बाढ़ की जद में आने की आशंका से दहशत में हैं। तेलवारी और गोबरहा के सामने रेती पर रहने वाले परिवारों की झोपड़ियों में पानी घुस गया है। इसके बाद ग्रामीण नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। वहीं नदी के उस पार बसे मांझा रायपुर, परसवाल समेत अन्य गांवों के लोग भी लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। उधर रामनगर क्षेत्र के कोडरी, सुंदरनगर और ललपुरवा गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे और पीने के पानी का संकट गहराने लगा है। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता ने हेतमापुर, सुंदरनगर, पर्वतपुर, सरसंडा और तटबंध क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर कटान वाले स्थानों और संवेदनशील इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

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