बलरामपुर। छोटे उद्यम लगाने पर युवाओं को पांच लाख रुपये का ऋण दिलाया जाएगा। इसमें बैंक व विभाग मिलकर सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई है। स्वरोजगार का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जिले के 700 युवक-युवतियों को ऋण दिलाने का लक्ष्य है। कलेक्ट्रेट सभागार की कार्यशाला में 150 युवक-युवतियों ने पंजीकरण के लिए उद्योग विभाग में आवेदन किया है।
चिकित्सीय परीक्षण (क्लिनिकल ट्रायल) में सेवा देने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला में 45 युवक-युवतियों ने आवेदन किया। आवेदन जमा करने वाले मनीष कुमार का कहना है कि क्लिनिकल ट्रायल एक ऐसा चिकित्सा अनुसंधान है, जिसमें अलग-अलग चिकित्सा अध्ययनों में भाग लेने वाले लोग स्वेच्छा से आगे आते हैं। क्लिनिकल परीक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि शोधकर्ताओं के लिए यह पता लगाने का एकमात्र तरीका है कि कोई भी संभावित नया उपचार कारगर व सुरक्षित है या नहीं। सीएससी सेंटर के लिए 35 युवाओं ने आवेदन किया है। जनसेवा केंद्रों का संचालन कर युवाओं को बेहतर सेवा देने का मौका मिलेगा। ब्यूटीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 27 युवतियों ने ब्यूटी पार्लर खोलने के लिए आवेदन किया है। खिलौना बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 23 युवतियों ने भी आवेदन किया है। दर्ज ट्रेड में प्रशिक्षित 20 युवक-युवतियों ने दुकान का संचालन करने के लिए आवेदन किया है।
50 हजार मिलेगी सब्सिडी
पहले चरण में पांच लाख तक की परियोजनाओं पर चार वर्ष तक 100 प्रतिशत ब्याजमुक्त ऋण दिलाया जाएगा। इसमें प्रदेश सरकार 50 हजार रुपये की सब्सिडी भी देगी। उद्योग में निर्माण से जुड़ी नई इकाइयां तथा सेवा क्षेत्र में बिक्री से जुड़ी परियोजनाएं शामिल होंगी। बलरामपुर आकांक्षी जिला है। यहां के युवाओंं को पांच लाख रुपये ऋण पर सिर्फ 10 प्रतिशत अंशदान जमा करना पड़ेगा। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग प्रशिक्षण योजना तथा कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवक-युवतियों को शामिल किया जाएगा।
आत्मनिर्भर बनेंगे युवा
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से युवक-युवतियों को बैंकों से पांच लाख रुपये का ऋण दिलाया जाएगा। युवक-युवतियां विभिन्न ट्रेडों में कारोबार करके आत्मनिर्भर बनेंगे और रोजगार के अवसर भी मुहैया कराएंगे। -राजेश कुमार पांडेय, उपायुक्त उद्योग