तनाव मुक्त परीक्षा के लिए तैयारी, स्वस्थ दिनचर्या, मानसिक शांति और सकारात्मक सोच ज़रूरी है, जिसमें नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन, पर्याप्त नींद, अच्छा पोषण, व्यायाम, ध्यान और योग शामिल हैं, ताकि परीक्षाओं को बोझ की बजाय सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा सके। बुधवार को अमर उजाला की तरफ से पिनेकल टेक्नो स्कूल भृगु आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को गुर बताया गया। इसमें 200 छात्रों को मनोवैज्ञानिक ने तनाव से बचने का तरीका बताया गया। परामर्शदात्री डा. नीरू माथुर ने कहा कि अच्छे अंक के लिए नियमित अभ्यास और रिवीजन करना जरूरी है। अब समय कम है ऐसे में आप सभी का टारगेट लेकर योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करनी होगी। इसके अलावा संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद भी जरूरी बताया। कहा कि जीवन में तनाव स्वभाविक है, लेकिन तनाव हमेशा सकारात्मक होना चाहिए। परीक्षा को लेकर नकारात्मक तनाव की जरूरत नहीं। परीक्षा के दौरान अपनी दिनचर्या में बदलाव करें। देर रात सोने के बजाय जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करें। खेलकूद के जगह न हो तो घर का काम में मां-बाप का हाथ बटाएं, इससे घर का माहौल खुशनुमा होगा। बच्चों को बर्गर, पिज्जा, मोमो जैसे जंक फूड से दूर रहने की सलाह दी। फास्टफूड शरीर को आलस्य की अवस्था में पहुंचा देते हैं। आलस्य के कारण कोई भी काम ठीक से नहीं होता। विषयों को दोहराने के लिए आईने के सामने खड़े होकर अभ्यास करें। कहा कि परीक्षा कोई भी हो, मन में डर न पालें। उन्होंने मोबाइल फोन से दूर रहने की सलाह दी। कहा कि मोबाइल से आपकों भ्रमित करता है। सकारात्मक सोचें, शिक्षकों और अभिभावकों से विचार-विमर्श करते रहें। पाठ्यक्रमों का रिवीजन करें और तनावमुक्त होकर परीक्षा दें। सफलता की पक्की है। परीक्षा को अपने ऊपर हावी न होने दें। परेशान न हों। परीक्षा के दौरान पेपर मिलते ही कम से कम दो बार उसे पढ़े। फिर लंबी सांस लेने के बार किस प्रश्न पर कितना समय देना है इसका निर्धारण अवश्य करें। उसके बाद समय प्रबंधन के हिसाब से अपने प्रश्नों को हल ठोस में देने के प्रयास करें। डायरेक्टर गितेश पांडेय ने छात्रों की सफलता के मंत्र भी दिया गया।