-खोदाई से पहले कर्मचारियों ने टीले पर सफाई अभियान रखा जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। राष्ट्रीय विरासत संस्थान की टीम ने रविवार को कुर्डी टीले का निरीक्षण किया, जहां पर पॉटरी यार्ड व तंबू लगाए जाएंग। वहीं कर्मचारियों ने दूसरे दिन सफाई अभियान जारी रखा। उम्मीद है कि जल्द ही पुरातत्वविदों द्वारा उत्खनन का कार्य शुरू किया जाएगा।
कुर्डी गांव के प्राचीन टीले पर राष्ट्रीय विरासत संस्थान की टीम द्वारा उत्खनन से पहले शनिवार से साफ-सफाई व स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। राष्ट्रीय संग्रहालय के महानिदेशक डॉ़ बुद्ध रश्मि मणि के निर्देश पर टीम काम कर रही है। टीले पर टीम के लिए तंबू, पॉटरी यार्ड बनाया जाना है। गांव के मनोज, देवेन्द्र, हरपाल, विनोद, प्रवीण समेत अन्य का कहना है कि टीले पर उत्खनन होना जरूरी था ताकि सभी ग्रामीण जान सकें कि इसके अंदर क्या इतिहास दफन है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस तरह टीले पर मृदभांड बिखरे बड़े हुए हैं, अंदर इतिहास कि दृष्टि से अहम पुरावशेष मिल सकते हैं।
तिलवाड़ा गांव में मिट्टी के खंडित बर्तन मिले
तिलवाड़ा गांव के आला टीले पर चल रहे उत्खनन में रविवार को मिट्टी के कुछ खंडित मृदभांड सामने आए हैं। पुरातत्विदों की नजरें सुरक्षित मृदभांड मिलने पर हैं ताकि उससे सही काल का पता चल जाता है। खंडित मृदभांडों को शोध की जरूरत होती है, जबकि सुरक्षित मृदभांड को देखकर भी सही काल का पता चलने की उम्मीद रहती है। उत्खनन लगातार चल रहा है। शोधार्थी भी उत्खनन में लगे हुए हैं। वहीं उम्मीद है कि जल्द ही कुछ नए पुरावशेष सामने आएंगे।