राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन को लेकर रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त और अभेद बना दिया गया है। पहले से ही तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहने वाली अयोध्या को रेड, यलो और ग्रीन जोन में बांटकर निगरानी की जाती है, जिसे अब और मजबूत किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए बाहरी जनपदों से भी फोर्स बुलाई गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी के साथ-साथ सीआरपीएफ के जवान भी तैनात किए जाएंगे। कुल मिलाकर लगभग 2100 सुरक्षाकर्मी अयोध्या की सुरक्षा में लगाए गए हैं। इनमें 14 एसपी रैंक के अधिकारी, 30 पुलिस उपाधीक्षक, 100 निरीक्षक, 240 उप निरीक्षक, 30 महिला उप निरीक्षक, 1200 आरक्षी, 150 महिला आरक्षी और करीब 300 मुख्य आरक्षी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणी त्रिपाठी के अनुसार, रामनगरी के सभी प्रवेश मार्गों पर कड़ी चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही होटल और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है। एटीएस और बीडीएस की टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लगातार सघन चेकिंग अभियान चला रही हैं। वहीं, शहर के स्ट्रीट वेंडरों का शत-प्रतिशत सत्यापन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए शहर में रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। वीआईपी मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। साथ ही, रात 11 बजे से अयोध्या नगर में भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। राम मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा बल अब ग्रीष्मकालीन वर्दी में नजर आएंगे। कुल मिलाकर, राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अयोध्या में सुरक्षा के व्यापक और सख्त इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न रहे।