पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने भाजपा सरकार पर युवाओं की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश का युवा अपने भविष्य, रोजगार और अधिकारों को लेकर गंभीर संकट से जूझ रहा है। रोजगार की मांग करने वाले युवाओं को अवसर और समाधान देने के बजाय कई मौकों पर लाठीचार्ज, मुकदमों और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और वर्षों तक नियुक्तियों का इंतजार युवाओं के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। उन्होंने कहा कि जिस युवा शक्ति को देश के विकास की ताकत बनना चाहिए, वही अपने हक के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर है। लोकतंत्र में युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याएं सुनकर समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। युवाओं को लाठी नहीं, रोजगार और मुकदमे नहीं, अधिकार चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के सम्मान, रोजगार और अधिकारों की लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी।