एसआईआर को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रेसवार्ता कर कहा कि बीएलओ की जिम्मेदारी घर-घर जाकर एसआईआर फॉर्म पहुंचाने और भरवाने की है, लेकिन अब तक मात्र 25 प्रतिशत लोगों तक ही फॉर्म पहुंच पाए हैं। उनका आरोप है कि जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बीएलओ फॉर्म वितरित ही नहीं कर रहे, बल्कि एक ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को सौंप दे रहे हैं। वहीं सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने सहायक निर्वाचन अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह पर भाजपा के लिए एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया। पवन का कहना है कि जिला प्रशासन धांधली कर रहा है और मतदाताओं के घर तक फॉर्म नहीं भेजवाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, जिन फॉर्मों को नियमों के अनुसार सही ढंग से भरा गया है, उन्हें भी मनमाने तरीके से ‘सी ग्रेड’ में रखा जा रहा है। पूछने पर केवल यह कहा जाता है कि “इंतजार कीजिए, ए ग्रेड में कर दिया जाएगा। सपा नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन को तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, दूसरी तरफ पत्रकार राममूर्ति यादव पर जानलेवा हमला और कैंट थाने में खनन अधिकारी से मारपीट और अभद्रता को लेकर प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाया गया।