अयोध्या में रुदौली कस्बा स्थित इरशाद मंजिल है, जो इस क्षेत्र की पुरानी तहजीब, वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत की पहचान मानी जाती है। करीब 120 से 150 वर्ष पुरानी मानी जाने वाली इस इमारत का निर्माण उस समय के प्रतिष्ठित व्यक्ति इरशाद हुसैन द्वारा कराया गया था। यह हवेली अवधी और मुगल शैली की वास्तुकला की खूबसूरत झलक पेश करती है। यहां ऊंचे मेहराबदार दरवाज़े, मोटी और मजबूत दीवारें, बड़ा खुला आंगन और लंबा बरामदा इसकी खास पहचान हैं। पुराने समय में इर्शाद मंजिल केवल एक आवासीय भवन नहीं था, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र हुआ करता था, जहां क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों की बैठकें और कार्यक्रम आयोजित होते थे। अपनी ऐतिहासिक बनावट और पुराने माहौल के कारण यह हवेली फिल्म निर्माताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र रही है। बताया जाता है कि यहां कुछ फिल्मों के दृश्य भी फिल्माए गए, जिनमें ग़दर एक प्रेम कथा, गदर टू और एलओसी जैसी फिल्में शामिल हैं। आज भी इर्शाद मंज़िल रुदौली की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसका संरक्षण किया जाए तो यह स्थान भविष्य में एक महत्वपूर्ण हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।