अयोध्या में निजी स्कूलों की ओर से छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलने के विरोध में समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव दिव्यांग पंडित समरजीत ने बुद्धि शुद्धि यज्ञ करके विरोध जताया। बीकापुर के लोटन का पुरवा रामनगर में बुद्धि शुद्धि यज्ञ करके सरकार को सद्बुद्धि देने और निजी स्कूलों पर दंडात्मक कार्रवाई की प्रार्थना की गई। सपा नेता पंडित समरजीत ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की ओर से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। स्कूलों की ओर से एक ही बुक स्टॉल से कॉपी, किताब खरीदने का अभिभावकों को अल्टीमेटम भी दिया जा रहा है। इनको सरकार का संरक्षण प्राप्त है। अभिभावकों की पीड़ा और उनकी शिकायत हर जगह नजरअंदाज की जा रही है। मौजूदा शिक्षा सत्र में भी प्राइवेट स्कूलों ने दाखिले के नाम पर लूटपाट शुरू कर दी है। कई नामीगिरामी स्कूलों की ओर से अभिभावकों से मनमानी एडमिशन फीस वसूलने की शिकायत पर जिम्मेदार मौन है। जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, चक्रवृद्धि ब्याज की तरह हर वर्ष विद्यालयों की फीस और कॉपी-किताब का दाम बढ़ाने का सरकार काम कर रही है। आज मध्यम वर्ग के अभिभावक बच्चों को शिक्षा दिलाने में कंगाल होते जा रहे हैं और सरकार ने मौन धारण कर लिया है। उन्होंने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही कह दिया है कि जैसे ही सपा सत्ता में आएगी सभी बच्चों को चाहे गरीब हो अमीर हो या मध्यम वर्ग के सभी को निशुल्क शिक्षा देने का काम सपा सरकार करेगी। हम भाजपा सरकार से मांग करते हैं कि निजी स्कूलों पर एक निश्चित फीस सरकार की ओर से सुनिश्चित की जाए। एनसीईआरटी की किताबें लागू की जाएं, जिससे समान रूप से सभी बच्चे शिक्षा पा सकें।