फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अयोध्या में आचारी मंदिर में प्रकृति का अद्भुत चमत्कार, सूर्य की किरणों से होता है भगवान का अभिषेक

अयोध्या में चैत्र पूर्णिमा से वैशाख सप्तमी तक रोज सुबह कुछ मिनटों के लिए श्रीसीताराम के मुख मंडल पर पड़ती हैं सूर्य किरणें, हजार साल पुरानी परंपरा आज भी जीवंत रामनगरी अयोध्या में जहां रामनवमी के अवसर पर राम मंदिर में सूर्य तिलक की विशेष व्यवस्था होती है, वहीं शहर के प्राचीन आचारी मंदिर में प्रकृति स्वयं भगवान का अभिषेक करती है। यहां हर वर्ष चैत्र पूर्णिमा से लेकर वैशाख कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक सूर्य की किरणें प्रतिदिन भगवान श्रीसीताराम का अभिषेक करती हैं। मंदिर के महंत विवेक आचारी के अनुसार, यह अद्भुत दृश्य पूरी तरह प्राकृतिक है और इसमें किसी प्रकार की तकनीक का प्रयोग नहीं किया गया है। मंदिर का गर्भगृह पूर्व दिशा में स्थित है, जबकि उत्तर दिशा में बने झरोखे से आने वाली सूर्य किरणें सुबह निर्धारित समय पर भगवान के मुख मंडल को प्रकाशित करती हैं। दावा है कि यह प्रक्रिया लगभग पांच मिनट तक चलती है, जिसमें पहले किरणें भगवान के मुख पर पड़ती हैं और फिर धीरे-धीरे चरणों तक पहुंचती हैं। हाल ही में रविवार को सुबह करीब 8:15 से 8:20 बजे के बीच यह दृश्य देखने को मिला। पीठाधीश्वर विवेक आचारी बताते हैं कि आचारी मंदिर का इतिहास करीब एक हजार वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर की स्थापना विष्णु प्रकाशाचार्य ने की थी और इसके दूसरे आचार्य छत्रू स्वामी अपने समय के सिद्ध संत माने जाते थे। धार्मिक ग्रंथों और इतिहास में भी इस स्थान का उल्लेख मिलता है। स्कंदपुराण में वर्णित दंतधावन कुंड यहीं स्थित है, जहां भगवान राम और उनके भाइयों के दंतधावन करने की मान्यता है। साथ ही, यह भी कहा जाता है कि इसी परिसर के तुलसीचौरा पर गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के बालकांड की रचना का श्रीगणेश किया था।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें