रामनगरी अयोध्या में हुए ब्लास्ट पर अब सियासत भी शुरू हो गई है। इस ब्लास्ट पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने पुलिस की एलपीजी गैस सिलिंडर थ्योरी को खारिज कर दिया है। अयोध्या के पगलाभारी गांव में हुए ब्लास्ट को लेकर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने अयोध्या पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी लापरवाही छिपाने के लिए इस हादसे को एलपीजी सिलिंडर ब्लास्ट बताने की कोशिश कर रही है। जबकि हकीकत कुछ और है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवधेश प्रसाद ने बताया कि मृतक रामकुमार गुप्त पिछले कई वर्षों से पटाखों का कारोबार करता था। पिछले साल भी उसके घर में विस्फोट हुआ था, जिसमें उसकी मां, पत्नी और एक लड़की की मौत हो गई थी। उस समय भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही रामकुमार को इस खतरनाक व्यवसाय से रोका। उन्होंने कहा कि गांव वालों ने रामकुमार को पहले ही गांव से बाहर कर दिया था, जिसके बाद उसने खेत में घर बनाकर दोबारा पटाखा बनाना शुरू कर दिया। पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया और आखिरकार इस लापरवाही की कीमत छह लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। सांसद ने कहा कि पिछले तीन दिनों में अयोध्या जिले में 13 लोगों की मौत हुई है। सात लोग ब्लास्ट में, तीन सड़क हादसे में और तीन जहरीले जंतु के काटने से। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मौतों का जिम्मेदार आखिर कौन है। सांसद ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की और कहा कि अगर यह एलपीजी सिलिंडर ब्लास्ट था तो पुलिस घटनास्थल पर पानी क्यों डलवा रही है। यह साबित करता है कि वहां बारूद मौजूद था और पुलिस अपनी गलती छिपा रही है।