मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में धार्मिक आयोजनों और आस्था से जुड़े कार्यक्रमों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई जाती थीं। जन्माष्टमी, कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों में बाधाएं उत्पन्न होती थीं, लेकिन वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने कहा कि अब कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी और तिगरी मेले के आयोजन पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है और हर स्तर पर उनकी आस्था का सम्मान करते हुए सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं तिगरी मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए यहां आए थे।