'कहीं शिक्षा का अभाव है या अभिभावक बगैर समझे बूझे बेटियों की शादी कर देते हैं। इससे घरेलू हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। माता पिता की जिम्मेदारी है कि बेटियों को शिक्षा प्रदान करें और जिम्मेदारी के साथ बेटियों की शादी करें, इसे भार ने समझें। अभिभावकों की जागरुकता से ही घरेलू उत्पीडन संबंधी मामलों में कमी आएगी और बेटियों का वैवाहिक जीवन अच्छा होगा।' ये बातें शुक्रवार को अमेठी के गौरीगंज तहसील सभागार में महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की जनसुनवाई करते हुए राज्य महिला आयोग सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने कही। उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। जनता को परेशान होने की जरुरत नहीं है। किसी को भी किल्लत से गुजरना नहीं पड़ेगा। जमा खोरी करने वालों पर कार्रवाई होगी। विपक्ष निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास कोई मुद्दा ही नहीं है, सिर्फ हाहाकार मचा रहे हैं। उत्पाद बढ़ा दिया गया है। कहा कि राहुल गांधी का दौरा था। मुझे कहा गया कि उनका कार्यक्रम है, आप दौरा आगे बढ़ा दीजिए। मैं अडिग रही और कार्यक्रम कर रही हूं, वह भाग खड़े हुए। जन सुनवाई के दौरान ब्लॉक अमेठी के सेमरहवां निवासी रोशनी ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु वर्ष 2012 में हो चुकी है। गांव के एक व्यक्ति ने उनके पिता के नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर उनकी जमीन कब्जा करने संग कृषि भूमि पर केसीसी ले लिया है। कई बार शिकायत की गई, जांच में फर्जी मामला आया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं गोसाईगंज निवासी खुशी ने बताया कि उनके घर के सामने विपक्षी जबरन कब्जा कर रहे हैं, कई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दोनों पीड़ितों ने बताया कि महिला राज्य आयोग सदस्य ने कार्रवाई कराने के संबंध में अफसरों को निर्देश दिया है। जनसुनवाई के दौरान महिला राज्या आयोग सदस्य ने 32 मामलों की सुनवाई। वहीं जिला अस्पताल में एमएनसीयू, एनआरसी वार्ड का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली और अफसरों को दिशा निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम सात्विक श्रीवास्तव, तहसीलदार सूरज प्रताप, सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह, बीएसए संजय तिवारी, डीपीओ संतोष श्रीवास्तव, मनोज मौर्य आदि मौजूद रहे।