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अमेठी में SIR के नोटिस का जवाब देने को बूथों पर दिखी भीड़, दोबारा मिलने पर मतदाता-बीएलओ दोनों परेशान

अमेठी में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत रविवार को 1489 बूथों पर चले विशेष अभियान में मतदाताओं की भीड़ दिखी। बूथों पर कई मतदाता ऐसे मिले उन्होंने मिली नोटिस के साथ अभिलेख लगाकर फॉर्म जमा किए, फिर भी उन्हें दोबारा नोटिस मिल गई है। दोबारा नोटिस जारी होने से बीएलओ संग मतदाता परेशान हैं। हालांकि बूथों पर पहुंचकर युवाओं ने नए मतदाता बनने के फॉर्म छह भरकर जमा किया। एसआईआर के तहत अमेठी, गौरीगंज, जगदीशपुर और तिलोई विधानसभा क्षेत्रों में 1.08 लाख नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। जिन मतदाताओं की एसआईआर फॉर्म में मैपिंग नहीं हो पाई है, उनसे वर्ष 2003 की मतदाता सूची से माता-पिता या दादा-दादी के नाम का विवरण मांगा गया है। 2003 की सूची में नाम नहीं है तो पहचान और वंशावली सिद्ध करने के लिए 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना अनिवार्य है। गौरीगंज के प्राथमिक विद्यालय में छह बूथ हैं। कस्बा निवासी मंजू ने बताया कि पहले नोटिस मिली थी, सभी अभिलेख जमा कर फॉर्म जमा किया था। इसके बाद फिर नोटिस मिल गई है, तीन दिन से वह दौड़ लगा रही हैं। कृष्णलाल ने बताया कि नोटिस मिली है, 2003 की सूची के लिए दूसरे बूथ पर गए थे वहां बीएलओ नहीं मिले। कहा कि वह कई दिनों से भटक रहे हैं। वार्ड नंबर 16 निवासी राजेश कुमार गौतम व वार्ड नंबर 24 निवासी पिंका देवी ने बताया कि फॉर्म छह भरना है, भरकर जमा कर दिया। जीजीआईसी गौरीगंज में पांच बूथों पर सिर्फ तीन बीएलओ मौजूद मिले। यहा मिले माधवपुर निवासी केदारनाथ जायसवाल ने उनके बेटे और बहू को नोटिस मिली है। कहा कि जब मुखिया का सबकुछ सही है तो बेटे का नाम कैसे गलत है। तहसील और बूथ का चक्कर काटला पड़ रहा है। संगीता और बुजुर्ग कैलाशपती ने बताया कि नोटिस मिली थी, अभिलेख व फाॅर्म जमा करना पड़ रहा है। 15 दिनों से वह परेशान है। बीएलओ ममता ने बताया कि 347 बूथ पर 296 नोमैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस बांट दी गई थी। अब दोबारा फिर नोटिस मिली है, उसे लेकर जब मतदाताओं के पास देने के लिए जाते है तो नोटिस लेने के बजाय लोग सीधे मना कर दे रहे हैं। कहा कि ऐसे में उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। बूथ 346 की बीएलओ अनिल कुमारी ने बताया कि 17 नोटिस पहले मिली थी, उसे बांटकर निस्तारण करा दिया गया है। वहीं फिर नोमैपिंग वाले 97 लोगों की नोटिस मिल गई है। कहा कि नोटिस देने के लिए जब वह लोगों के घर जाती हैं तो लोग उनकी गलती बताकर नोटिस लेने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि लगातार शिविर लगाकर नोटिसों की सुनवाई और निस्तारण कराया जा रहा है। छह मार्च तक दावा आपत्तियां ली जाएंगी।

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