अमेठी में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने तथा बगैर संसाधन के अन्य विभागों के कार्य कराए जाने को लेकर सचिवों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। सचिवों ने अपने व्यक्तिगत मोबाइल से जिला व ब्लॉक स्तर के सभी शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप को छोड़ दिया है। डाक से मिले पत्रों के माध्यम से काली पट्टी बांधकर अपनी ग्राम पंचायतों में काम कर रहे हैं। जिले की सभी 13 ब्लॉकों में 160 सचिव तैनात हैं। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी एसोसिएशन एक दिसंबर से ऑनलाइन उपस्थिति व अन्य विभागों के कार्यों को कराए जाने के विरोध में काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे थे। गौरीगंज ब्लॉक संगठन अध्यक्ष दीक्षा द्विवेदी शनिवार को अपने क्षेत्र में हाथ में काली पट्टी बांधकर कार्य करती मिलीं। उन्होंने कहा कि शासन से ग्राम सचिवों पर पहले से ही विभागीय कार्यों का अत्यधिक बोझ है। इसके बावजूद राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, आईजीआरएस, जनसुनवाई, स्टेटेवर कार्य, मनरेगा, जलनिधि, पशुपालन, मत्स्य, कृषि सहित कई विभागों के अतिरिक्त कार्य भी उनसे कराया जा रहा है। सचिवों के पास तकनीकी कार्य, लेखा-परीक्षण, भुगतान प्रक्रिया, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, विभिन्न पोर्टलों पर डाटा अपलोड, योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण तथा सामाजिक न्याय विभाग की जिम्मेदारियां पहले से ही हैं। कहा कि सभी विभागीय कार्य संबंधित विभागों के अधीनस्थ कार्मिकों से ही कराए जाएं। ग्राम पंचायत सचिवों को केवल उनके मूल दायित्वों तक सीमित रखा जाए। बताया कि 10 दिसंबर से वे अपने निजी वाहनों से सरकारी कार्य नहीं करेंगे और 15 दिसंबर को अपने डोंगल भी विकासखंडों पर जमा कर देंगे।