केंद्र सरकार के बजट से नौकरीपेशा वर्ग को टैक्स स्लैब में बड़ी राहत की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई। अंबेडकरनगर में शिक्षकों और कर्मचारी नेताओं ने टैक्स में बदलाव न होने, स्टैंडर्ड डिडक्शन न बढ़ने और पुरानी पेंशन की अनदेखी पर गहरी निराशा जताई है। ईएमआई व घरेलू खर्चों के चलते बचत की कमी की समस्या बरकरार है। बजट 2026-27 के तहत उम्मीदों के अनुरूप बदलाव न होने से, नौकरीपेशा वर्ग पर महंगाई का बोझ बना रहेगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा के अनुसार, बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी ध्यान नहीं दिया गया है। महिला उपाध्यक्ष नीलम सिंह ने कहा कि ईएमआई और बढ़ते घरेलू खर्चों के कारण हाथ में बहुत कम राशि बचती है, इसलिए 'स्टैंडर्ड डिडक्शन' बढ़ाया जाना आवश्यक था। प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष अच्छेलाल चौधरी ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को प्रमुखता से उठाया और कहा कि बजट में वेतनभोगी वर्ग की बचत बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया। इस दौरान अनिल कुमार वर्मा, पंकज उपाध्याय, रामसागर व अन्य मौजूद रहे।