अंबेडकरनगर में खरीफ सीजन के सबसे अहम दौर में जिले का किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर है। एक ओर मानसून की बेरुखी और असमान बारिश से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर खाद केंद्रों पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने के बावजूद तकनीकी खामी किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है। पिछले तीन दिनों से ई-पॉस मशीनों का सर्वर ठप होने के कारण किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। नतीजतन सुबह से कतार में खड़े किसान घंटों इंतजार के बाद भी बिना खाद लिए मायूस लौट रहे हैं। खेती के इस निर्णायक समय में खाद वितरण व्यवस्था की तकनीकी बाधा किसानों की चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ा रही है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को अलग-अलग समितियों की पड़ताल कराई तो यह हकीकत सामने आई। किसान रोपाई करने के बाद टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की मांग कर रहे हैं और विभाग की ओर से पर्याप्त खाद होने का दावा भी किया जा रहा है। इसके बाद भी किसान खाली हाथ हैं।