सेना की गाड़ी में तिरंगे में लिपटे मोनू चौधरी का पार्थिव शरीर दोपहर के साढ़े 12 बजे अलीगढ़ में जवां के गांव दाऊपुर पहुंचा। गाड़ी से बलिदानी का पार्थिव शरीर उतारे जाते ही मोनू भैया अमर रहें.. जब तक सूरज चांद रहेगा, मोनू भैया का नाम रहेगा.. घोष फिजाओं में गुंजायमान हो उठा। हजारों की संख्या में उमड़े लोग बलिदानी का जयघोष करते रहे। दोपहर बाद करीब तीन बजे बलिदानी मोनू चौधरी पुत्र प्रताप सिंह को पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बलिदानी के शव के साथ मथुरा से सीओ चारू शर्मा, दो जेसीओ और सेना के तीस जवान साथ आए थे। दो सेक्शन पीएसी भी मौजूद थी। सिंगल यूनिट ने शोक शस्त्र सलामी दी। भाई सोनू चौधरी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।