कुछ भी खाते ही तेज दर्द होने पर खाना ही छोड़ दिया। दो साल तक तरल पदार्थ पर ही निर्भर रहने लगे। इससे मथुरा के छाता निवासी मरीज का वजन 83 से घटकर 42 किलो रह गया। एसएन मेडिकल कॉलेज में जांच कराई तो आंत तक जाने वाली नस 99 फीसदी तक बंद थी। ऐसे में पैर से आंत तक कृत्रिम नस लगाकर रक्तसंचार होने लगा। मरीज का दर्द से छुटकारा मिला और ठीक होने पर डिस्चार्ज भी कर दिया।