कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल ने सपा सांसद की राणा सांगा पर टिप्पणी के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये उनका एकाधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी है। यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो न्यायालय की शरण में जाना चाहिए। कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। बृहस्पतिवार को राजामंडी स्थित कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से रूबरू होते हुए बंसल ने कहा कि ये कानून को अपने हाथ में लेने का चलन शुरू क्यों कर रहे हैं। ऐसे में तो न्यायपालिका ही खत्म कर देना चाहिए। भाजपा एक तरफ भारतीय संस्कृति की बात करते हैं और सांसद के घर पर तोड़फोड़ और महिलाओं का उत्पीड़न करते हैं। ऐसे में महिलाओं की अस्मिता सुरक्षित है क्या। इसकी भर्त्सना और आलोचना करते हैं। इस मामले में पार्टी हाइकमान के निर्देश पर आगे की कार्य योजना बनाई जाएगी।